ईरान वार्ता विफल, ट्रंप ने पाक नेतृत्व को सराहा
दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व की जमकर प्रशंसा की। इसके साथ ही, इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय वार्ता विफल होने के बाद उन्होंने तेहरान को कड़ी चेतावनी भी दी।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में लगभग 20 घंटे चली मैराथन चर्चा के समापन के तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना बयान जारी किया। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और थल सेनाध्यक्ष (COAS) जनरल असीम मुनीर की सराहना करते हुए उन्हें “असाधारण व्यक्ति” बताया। ट्रंप ने कहा कि दोनों नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच एक दशक से अधिक समय में पहली सीधी उच्च-स्तरीय बातचीत की मेजबानी करने में “बेहतरीन और सक्षम नेतृत्व” का परिचय दिया है।
मध्यस्थता का दावा: भारत और पाकिस्तान
ईरान के साथ कूटनीतिक विफलता के बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर अपना वह दावा दोहराया जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने में अपनी भूमिका बताई थी। ट्रंप के अनुसार, शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम शरीफ और जनरल मुनीर ने भारत के साथ संभावित संघर्ष को टालकर “लाखों लोगों की जान बचाने” के लिए बार-बार उनका धन्यवाद किया।
हालांकि, भारत सरकार ने हमेशा की तरह इस दावे को खारिज किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय का स्पष्ट रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा मुद्दों पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच तनाव हमेशा सैन्य चैनलों और स्थापित कूटनीतिक प्रोटोकॉल के माध्यम से कम किया गया है।
इस्लामाबाद वार्ता की विफलता: परमाणु गतिरोध
पाकिस्तानी मेजबानों के प्रति सौहार्द दिखाने के बावजूद, ईरान के साथ बातचीत का मुख्य उद्देश्य सफल नहीं हो सका। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की कि बातचीत ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर आकर टूट गई। वेंस ने कहा, “हमने लगभग 20 घंटों तक पूरी ईमानदारी से बातचीत की, लेकिन ईरान ने अपने परमाणु महत्वाकांक्षाओं को खत्म करने की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया।”
दूसरी ओर, तेहरान ने इस विफलता के लिए अमेरिका की “अत्यधिक और बदलती मांगों” को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका पर भरोसे की कमी और रचनात्मक प्रस्तावों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
पश्चिम एशिया में तनाव: हॉर्मुज जलडमरूमध्य की धमकी
इस्लामाबाद वार्ता की विफलता ने फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखे। उन्होंने तेहरान पर वैश्विक अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऊर्जा प्रवाह में किसी भी बाधा का करारा जवाब दिया जाएगा।
जैसे ही प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान से रवाना हो रहे हैं, संघर्ष के बादल और गहरे हो गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने जहाँ मेजबान पाकिस्तान की तारीफ की, वहीं ईरान के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। परमाणु मुद्दे पर कोई समाधान न निकलने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरे के बीच, दुनिया की नजरें अब पश्चिम एशिया में संभावित सैन्य हलचल पर टिकी हैं।
